
ओडिशा : राजधानी भुवनेश्वर में ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने नकली सोना देकर असली आभूषण ले जाने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं कथित तौर पर खुद को संपन्न और हाई-प्रोफाइल ग्राहक बताकर ज्वेलरी दुकानदारों को अपने जाल में फंसाती थीं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और देवरानी-जेठानी बताई जा रही हैं। जांच में पुलिस को आशंका है कि दोनों किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाता था।
महंगे कपड़े पहनकर पहुंचती थीं दुकानों पर
पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं ज्वेलरी दुकानों पर जाने से पहले अपनी पहचान एक बड़े परिवार से जुड़ी महिला के रूप में पेश करती थीं। वे आकर्षक और महंगे परिधानों में दुकानों पर पहुंचती थीं, जिससे दुकानदारों को उन पर शक नहीं होता था।
दुकान में पहुंचने के बाद वे महंगे सोने के आभूषण खरीदने में रुचि दिखाती थीं। बातचीत के दौरान वे दुकानदारों का भरोसा जीतने की कोशिश करती थीं और खुद को प्रतिष्ठित ग्राहक के तौर पर पेश करती थीं।
नकली सोना देकर ले जाती थीं असली आभूषण
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित तौर पर दोनों महिलाएं दुकानदारों का विश्वास हासिल करने के बाद नकली सोना देती थीं और बदले में असली सोने के गहने लेकर फरार हो जाती थीं।
शुरुआत में दुकानदारों को इस धोखाधड़ी का पता नहीं चल पाता था। बाद में जब सोने की जांच की जाती थी तो पता चलता था कि दिया गया सोना नकली है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ज्वेलरी दुकानदारों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दुकानों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस को दोनों महिलाओं के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
पुलिस कर रही गिरोह की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों महिलाएं कितने मामलों में शामिल रही हैं और क्या उनके साथ इस अपराध में अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नकली सोना कहां से लाया जाता था और चोरी किए गए असली आभूषणों को कहां खपाया जाता था।
दुकानदारों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अपराधों में आरोपी पहले दुकानदारों का भरोसा जीतते हैं और फिर मौका देखकर धोखाधड़ी करते हैं।
ज्वेलरी कारोबारियों को ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा है कि सोने के लेनदेन के दौरान उसकी सही जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
CCTV और तकनीकी जांच से मिली मदद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने कहा कि अपराधियों की पहचान करने में डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसी आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।
अन्य मामलों से जुड़े होने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार महिलाएं पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुकी हैं। इसलिए उनके पुराने रिकॉर्ड और अन्य जिलों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान अगर गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ज्वेलरी कारोबारियों में चिंता
इस घटना के बाद भुवनेश्वर के ज्वेलरी कारोबारियों में चिंता का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक के रूप में आने वाले लोगों की पहचान करना कई बार मुश्किल हो जाता है।
पुलिस ने कारोबारियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और बिना जांच के बड़ी मात्रा में सोना या आभूषण देने से बचें।
फिलहाल पुलिस दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह और उनकी गतिविधियों का खुलासा किया जाएगा।





